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6 days ago

Bhojpuri Association of India - BHAI

#गोरखपुर महोत्सव में आज भोजपुरी एसोसिएशन आफ इंडिया (भाई) के द्वारा पदम भूषण अंतरराष्ट्रीय #भोजपुरी लोक गायिका डॉ शारदा सिन्हा जी का सम्मान मुख्य रूप से गोरखपुर विश्व विद्यालय के कुलपति महोदय के साथ भाई के क्षेत्रीय निदेशक श्री राकेश श्रीवास्तव , संरक्षक डॉ रूप कुमार बनर्जी, डॉक्टर सुरेश श्रीवास्तव, श्री कनक हरि अग्रवाल श्री शिवेंद्र पांडे ,श्रीमती रीता श्रीवास्तव ,श्रीमती नीतू श्रीवास्तव जी की उपस्थिति रही। See MoreSee Less

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#प्रेसविज्ञप्ति विश्व विजय सम्हालेंगे "भाई" की #छत्तीसगढ़ में कमान – भाई के राष्ट्रीय कार्यकारणी की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया फैसला! भाई के सुरजा/अंबिकापुर चैप्टर की बैठक अगले माह फ़रवरी में –

विश्व विजय सिंह तोमर Vishwa Vijay Singh Tomar मूलतः आरा, बिहार के निवासी हैं और पिछले १५ वर्षो से छत्तीसगढ़ में भाषायी, सामाजिक, राजनैतिक क्षेत्रो में सक्रिय हैं! देखे तो छत्तीसगढ़ की कुल आबादी २.५ करोड़ हैं और आकलन के दृष्टि से २२ लाख भोजपुरी भाषी लोग हैं! अपने कुशल नेतृत्व से विश्व विजय उन २२ लाख भोजपुरी भाषियों में भोजपुरी के गौरवशाली इतिहास को पुनः राष्ट्रीय फलक पे लाने के लिये और नयी पीढ़ी में उसकी सजगता और जीवटता बनी रहे हैं इसके लिये कार्यरत होंगे!

हम इस दौर में हैं जहाँ लोक भाषाओं का भी फ्लिपकार्ट/वालमार्ट-टी-करण हो गया हैं, लोक भाषाओं को अंतराष्ट्रीय बनने के पहले राष्ट्रीय मापदंडो पे खरा उतरना होगा! देखा जाये तो मॉरिशस की कुल आवादी ही १०/११ लाख हैं, इस दृस्टि से तो छत्तीसगढ़ में भोजपुरियो का २ मॉरिशस समाहित हैं, कोई भी लोक संस्कृति केवल गौरवशाली इतिहास पे नहीं टिकी रहती, उसको प्रासंगिक बनाये रखने का दायित्वा भी हमारे ही कंधो पे हैं!

"भाई" परिवार की ओर से विश्व विजय जी को हार्दिक बधाई ओर अनंत शुभकामना! आपका खूब आशीर्वाद ओर सहयोग विश्व विजय जी को मिले ओर वो इसी ऊर्जा के साथ भाषायी आंदोलनों को बल देते रहे, इसी आशा ओर विश्वास के साथ –

अविनाश त्रिपाठी
महासचिव – राष्ट्रीय कार्य परिषद्
#भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (भाई)
फ्लोरिडा, अमेरिका
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#बिहार अस्मिता और भोजपुरी की याद केवल #छठ के दिनों में ही क्यूँ? – टी आर पी (TRP) के लिये लोक संस्कृतियों की भी तिलांजलि देने वाले मीडिया चैनल्स, उन चैनेलो पे पाउडर, गमछा और लाली पोत के भोजपुरी के स्वघोषित कर्णधारो के वही २-४ पुराने नाम, श्रीमती राबड़ी देवी की एक बाइट और सांस्कृतिक चर्चा के नाम पे कुछ शोर शराबा और अंततः वही शारदा सिन्हा जी के कुछ पारम्परिक छठ के पुराने गीत..चूकि छठ पर्व की आस्था रखने वालो मेँ से एक बड़ा हिस्सा भोजपुरी भाषियों का भी हैं, इससे कुछ चर्चाओं मेँ भोजपुरी का जिक्र भी आ ही जाता हैं! मजे की बात ये हैं की इस वर्ष अवसर का लाभ लेते हुयें एक बड़े नेशनल न्यूज़ चैनल ने तो २ बेहनो की मदद से बिहार के लिये एक स्पेशल चैनल भी लांच किया..

खैर इतना सब कुछ बेच बांच के भी भोजपुरीं के मूल प्रकृति को लेके और खासकर के मध्यम वर्गीय परिवारों मेँ जो धारणाएं हैं वो नहीं बदलती दिखती, शायद भोजपुरी मेँ जो रोल मॉडल्स मीडिया ने कुछ दशकों मेँ तैयार किये हैं उसमे वही गीत गवनई, नरेगा आवंटियों की एक लम्बी फेरिस्त हैं! एक दो तो बाकायदा राजनैतिक पार्टियों मेँ भी सक्रिय हैं, जो बचे हैं वो २०१९ के जुगाड़ मेँ हैं!

जाने भी दीजिये..हाल ही मेँ मैंने एक बहु चर्चित हिंदी फिल्म देखी, शायद आपने भी देखि हो.."सोनू के टीटू की स्वीटी" लव रंजन ने कमाल का लिखा हैं, बस अपने यु.पी. के ही हैं..फिल्म के सारे पात्र पंजाबी और हिंदी (दिल्ली वाली) भाषी हैं..फिल्म का प्लाट हलवाई परिवार हैं, सफल हैं, मॉडर्न हैं..रैप सुनते हैं, बड़ी गाड़ियों में घूमते हैं, अंग्रेजी फिल्मे देखते, अदि अदि ..लेकिन जो नौकर का किरदार हैं वो पट्ठा बिहार से हैं और अपने मनोरंजन के लिये..खैर वो तो सर्वव्यापी.. भोजपुरी (एडल्ट) फिल्मे देखता हैं! ऐसी तमाम फिल्मे आपको मिलेंगी जो क्षेत्रीय अ अन्य भाषाओ में हैं जैसे १५ पार्क अवेनुए (बेंगाली), अ डेथ इन द गूंज (इंग्लिश) आदि जिसमे डोमेस्टिक हेल्प ही पुरे पत्रों में भोजपुरी बोलता हैं ..कभी कभी सोचता हूँ की कितना रिसर्च किया होगा स्क्रिप्टरइटेरो ने इन पत्रों को गढ़ने में..शायद हिंदुस्तान मेँ spoken #Bhojpuri is a determination of class? आखिर..बेंगाली मेँ रविंद्रनाथ टैगोर, हिंदी मेँ प्रेमचंद्र, अंग्रेजी मेँ शेक्सपियर, लेकिन हमारा तो ठाकुर भी "भिखारी" हैं!

आलोचना सरल हैं, लेकिन उम्मीद हैं बदलाव की.. भाषाई आंदोलनों में भोजपुरी साहित्यिक मंचो को और गंभीरता से लेना होगा, सांस्कृतिक मंचो से अलग रखकर इसका एक सस्टेनेबल मॉडल डेवेलप करना होगा, हिंदी साहित्यिक सम्मेलनो और उर्दू मुशायरो मेँ भीड़ इकठा करने के लिये डी जे या बॉलीवुड के गाने नहीं बजाये जाते..जरुरत हैं इक्षा शक्ति की..हाल ही मेँ भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (भाई) द्वारा दिल्ली में आयोजित प्रथम "भोजपुरी लिटरेचर फेस्टिवल" इसका एक जीवंत उदहारण हैं, हमारे पास स्पॉन्सरशिप के कई विकल्प थे, गुटखा और हवाई चप्पल बनाने वाले कम्पन्यियो से लेके भोजपुरी एम् एम् अस तक वाली कम्पनिया. …लेकिन "भाई" आभारी हैं "भोजपुरी मैथली अकादमी, दिल्ली सरकार और मंगलायतन यूनिवर्सिटी की ..जिनके साँझा सहयोग से भोजपुरी के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षाविदों, क्रिएटिव, साहित्यकारों, को एक मंच पर एकसूत्र में पिरोने का सफल समायोजन कर एक नए अध्याय की नीव रक्खी गयी!

अंततः गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के एक चौपाई जिसमे भोजपुरी के कई शब्द हैं, उनसे सबसे आपको जोड़ते हुयें ..आप सबको नए वर्ष की अनंत शुभकामनाएं, आप मेहकते रहे, चमकते रहे!

एहिं समाज थल बूझब राउर।
मौन मलिन मैं बोलब बाउर।। (अयोध्याकाण्ड)

अपनी प्रतिक्रिया जरूर दीजियेगा और अच्छा लगे तो शेयर भी करीयेगा

– आभार!

अविनाश त्रिपाठी/Avinash Tripathi
अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय
#भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (भाई)
फ्लोरिडा, अमेरिका
www.bhojpuriindia.org
Twitter @bhojpuriindia
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3 weeks ago

Bhojpuri Association of India - BHAI

उम्मीद है कि लगातार संघर्ष से भारत सरकार भी भोजपुरी भाषा को मान्यता अवश्य देगी – मारीशस के राजदूत माननीय श्री जगदीश्वर गोवर्धन

#मारीशस के राजदूत माननीय श्री जगदीश्वर गोवर्धन जी का भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया "भाई" तथा" चित्रगुप्त सभा बक्शीपुर" द्वारा भव्य स्वागत किया गया! श्री जगदीश्वर गोवर्धन ने कहा की भोजपुरी भाषा के उचित सम्मान व उत्थान की दिशा में कार्य करें क्योँकि भोजपुरी हम लोगों की #मातृभाषा है। इसकी कद्र होनी चाहिए!

ये कार्यक्रम इंडियन डायस्पोरा एंड वर्ल्ड भोजपुरी सेंटर वर्ल्ड भोजपुरी इंस्टीट्यूट एवं आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट ऑफ़ इण्डिया के सहयोग से किया गया! इस अवसर पर हमारे गोरखपुर के प्रथम नागरिक श्रद्धेय श्री सीताराम जयसवाल जी ,गोरखपुर के नगर विधायक श्रद्धेय डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल जी, गोरखपुर के बहुत सारे संभ्रांत एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे l

आभार!

डॉ रूप कुमार बनर्जी/ संरक्षक मंडल, गोरखपुर चैप्टर
राकेश श्रीवास्त्व/क्षेत्रीय निदेशक भाई, गोरखपुर चैप्टर
#भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (भाई)
#गोरखपुर
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